अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो...गीत-
ग्राम-मटिया आलम, जिला-कुशीनगर (उत्तरप्रदेश) से सुखाई कुसवाहा एक गीत सुना रहे हैं :
देखो देखो यह गरीबी, यह गरीबी का हाल,
कृष्ण के दर पे यह विशवास ले के आया हूँ।
मेरे बचपन का दोस्त हैं मेरा श्याम,
येही सोच कर मैं आस ले कर के आया हूँ ॥
अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो-
दर पे सुदामा गरीब आ गया है-
भटकते भटकते ना जाने कहाँ से,
तुम्हारे महल के करीब आ गया है...(AR)
