काहे हसे रघुराई...गीत-
सीजीनेट श्रोता अस्वनी कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
काहे हसे रघुराई-
काहे क्रोध करे मेरे भाई-
काहे क्रोध करे फलदाई-
जो आते तुम ब्राम्हण पन में-
हम झुक जाते चरनन में...(AR)
सीजीनेट श्रोता अस्वनी कुमार एक गीत सुना रहे हैं:
काहे हसे रघुराई-
काहे क्रोध करे मेरे भाई-
काहे क्रोध करे फलदाई-
जो आते तुम ब्राम्हण पन में-
हम झुक जाते चरनन में...(AR)