मेरा दर्द तुम न समझ सके....गजल
जिला-महाराजगंज,(उत्तरप्रदेश) से भीमप्रसाद एक गजल सुना रहे हैं:
मेरा दर्द तुम न समझ सके-
मुझे सक्त इसका मलाल है-
जरा फिर समझ कर जवाब दो-
मेरे जिन्दगी का सवाल है-
मेरे दिल के जख्म को देख कर-
कभी हँसता हूँ कभी रोता हूँ-
मेरा दर्द तुम न समझ सके...(AR)
