संतो का सत्कार्य करना सीखो जी...भजन गीत-
छत्तीसगढ़ से रविन्द्र सिंह एक भजन गीत सुना रहें है:
संतो का सत्कार्य करना सीखो जी-
जीवन का उधार करना सीखो जी-
यह तन में चलो वे का सपना-
नही पराया नही कोई अपना-
यह तन लोभ नीच का सपना-
नही कोई पराया नही कोई अपना-
संतो का सत्कार्य करना सीखो जी...(182037) GT
