तेरा दर्द ना जाने कोये...गीत-
फरसवानी, जिला-कोरबा (छत्तीसगढ़) से संजीव कुमार केवट एक गीत सुना रहे हैं:
पिंजरे के पंछी रे-
तेरा दर्द ना जाने कोये, तेरा दर्द ना जाने कोने-
कह ना सके तू, अपनी कहानी-
तेरी भी पंछी, क्या जिंदगानी रे-
विधि ने तेरी कथा लिखी है-
आँसू में कलम डुबोय, तेरा दर्द ना जाने कोये...(AR)
