बदरिया घिर आयी ननदी...लोक गीत-
राजनगर, अनूपपुर (मध्यप्रदेश) मारकंडे से एक लोक गीत सुना रहे हैं:
कैसे खेलन जईबो सावन मा कजरिया-
बदरिया घिर आयी ननदी-
तुम तो भूली जईहो रहिया डगरिया-
बदरिया घिर आयी ननदी-
तुम तो जात हो अकेली केउ संग न सहेगी-
कल तो भूली जईयो रहिया डगरिया-
बदरिया घिर आयी ननदी...(AR)
