जब पीर सजल होगी, होंटों पे गज़ल होगी...गज़ल-
राजनगर, अनूपपुर (मध्यप्रदेश) मारकंडे से एक लोक गीत सुना रहे हैं:
जब पीर सजल होगी-
होंटों पे गज़ल होगी-
सपने फिर महेकेंगे-
जब रात कवल होगी-
जब पीर सजल होगी-
हर साज के साये में-
मुमताज महल होगी...(AR)
राजनगर, अनूपपुर (मध्यप्रदेश) मारकंडे से एक लोक गीत सुना रहे हैं:
जब पीर सजल होगी-
होंटों पे गज़ल होगी-
सपने फिर महेकेंगे-
जब रात कवल होगी-
जब पीर सजल होगी-
हर साज के साये में-
मुमताज महल होगी...(AR)