कर्म के नदियाँ मा धर्म बोहावत है...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-अमनदुला, जिला-जांजगीर चापा राज्य छत्तीसगढ़ से चंद्रकांत लहरे एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहें है:
कर्म के नदियाँ मा धर्म बोहावत है-
जैसे तुमा के फोकला सन पथरा हर उपलावत है-
कर्म के नदियाँ मा धर्म बोहावत है-
चाउर गेहूं सन मिल गयें गोटी दही दूध मा पानी-
गुड के चास में मधुरस बन गे काकर चलही सियानी-
कर्म के नदियाँ मा धर्म बोहावत है...(181808) GT
