देखते मझानिया कड़कत है गा...छत्तीसगढ़ी भजन-
चन्द्रकांत लहरे, ग्राम-अमनदुला, जिला-जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़) से एक छत्तीसगढ़ी भजन सुना रहें है:
देखते मझानिया कड़कत है गा-
बिन पानी के मछरी सहित तडपत है गा-
जेठ के मझनिया कस कड़कत है गा-
मोर अंगना मा कब आबे राम मोर
बेहरी में कब आबे ना मोर बहरी मा-
देखते मझानिया कड़कत है गा...(181806) GT
