कलयुग मा बारी लपड़ा हो गे...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-फरस्वनी जिला-कोरबा छत्तीसगढ़ से संजीव कुमार केवट जी छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है :
कलयुग मा बारी लपड़ा हो गे-
सास कब तो दुनोजन ज गडा होगे-
बाप बेटा दुनो जन मा जगडा होगे-
दारू पिहेला नही छोड़े गा शराबी-
खावेय गाली मचाये लाखो मा गारी-
कलयुग मा बरी लपड़ा हो गे...
