जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी भजन...
ग्राम बिकानेर राज्य राजिस्थान से नारायण भजन सुना रहें हैं – जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी
देख लकड़ी का तमासा
क्या जीवन क्या मरण कबीरा
खेल रचाया लकड़ी का
जिसमे तेरा जन्म हुवा हो
पलंग बना ता लकड़ी का
माता तुम्हारी लोरी गाये
