स्वास्थ्य स्वर : मंदाग्नि, रोग का घरेलू उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ से वैद्य केदारनाथ पटेल उपचार बता रहे है, रतालू -जमीं में उगने वाला कंद है, इसकी पत्तीं बेल की पट्टी से मिलता जुलता है, और यह भुर भुरी और अच्छी धार वाली जमीन में होता है इसका बारिश से लेकर असाड मास तक इसकी बुआई होती है| और इसका ओषधिय प्रयोग है| सुखा रतालू बिच्छु के दंश के स्थान पर लगाने से दंश का असर कम हो जाता है| मंदाग्नि, वात विकार में एक किलो ग्राम रतालू को छिल कर काट कर डाले जब वहा उबल जाए आटा के सामान मचल ले और गाय का घी 500 ग्राम, कड़ाई में डालकर आच पर रखे और रतालू मिलाकर जब बदाम रंग का होने लगे फिर उसमे 2 किलो गुड़ मिला ले, सौट बादाम सबको मिला ले और रोज खाने से मंदाग्नि, रोग कम हो सकता है| अधिक जानकारी के लियें संपर्क नम्बर@9826040015. (180135) GT
