धन्य हुए भाग्य हमारे,गरीबों की कुटिया में सी जी नेट पधारे...एक गीत
धन्य हुए भाग्य हमारे ,
गरीबों की कुटिया में सी जी नेट पधारे!!...२
मन में हैं सपने, दिल में उमंगें ....२
नाच रही नाच रही ह्रदय में जीवन तरंगें !
कैसे गुण गाएं तुम्हारे,
गरीबों की कुटिया में सी जी नेट पधारे !!...२
ऐसे गरीबों पे दया की नजर हो ,
ऐसा है इसमे हमारी खबर हो !
ऐसे लगी नाव किनारे ,
गरीबों की कुटिया में सीजीनेट पधारे!!...२
गिरते हुए को फिर से उठाना ....२
भटके हुए को राह दिखाना ,
आज लगी नाव किनारे,
गरीबों की कुटिया में सी जी नेट पधारे!!...२
आज लगी नाव किनारे,
गरीबों की कुटिया में सी जी नेट पधारे!!...२
गीता टेकाम
