छैया भुइया ला छोड़ जवईया...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-जांजगीर चापा (छत्तीसगढ़) से रामप्रसाद एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे है:
छैया भुइया ला छोड़ जवईया-
तय फिर आबे काहा रे-
पंक्षी उडते आगश करथे बिरछा मा वार-
धरती मा आये बिना दाना पानी पाबे काहा रे-
धुर्रा धुआं मा नहाबे जिन्दगी ला बिरथा गवाबे-
छैया भुइया ला छोड़ जवईया...
