कहानी -"कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिये"...
ग्राम – बड़वानी, मध्यप्रदेश से सुरेश जी अहंकार को लेकर एक कहानी बता रहे हैं दो हस्ठ-पुष्ठ बैल एक बैलगाड़ी को खींच रहे थे दोनों बैलों के बीच एक कुत्ता भी चल रहा था उसका अहंकार था कि बैलगाड़ी मैं खींच रहा हूँ गाड़ीवान ने अपने चाबुक से कुत्ता को मारा वो दुम उठाकर भागा और उसको एहसास हो गया था कि असल में गाड़ी बैल ही खींच रहे थे उसका अहंकार मिट चुका था झूठ के साथ अहंकार रहता है किन्तु सच के सामने आते ही झूठ चूर-चूर हो जाता है इसलिए कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिये|संपर्क नम्बर@9669682196
