ममता के मोल न जाने रे...गीत-
दुर्ग (छत्तीसगढ़) से ऋतिक ठाकुर एक गीत सुना रहे हैं:
ममता के मोल न जाने रे-
का ला माँ तै रोवाये रे-
दरदर के ठोकर खाये-
तबो दया नई लागय रे-
ममता के मोल न जाने रे...(AR)
दुर्ग (छत्तीसगढ़) से ऋतिक ठाकुर एक गीत सुना रहे हैं:
ममता के मोल न जाने रे-
का ला माँ तै रोवाये रे-
दरदर के ठोकर खाये-
तबो दया नई लागय रे-
ममता के मोल न जाने रे...(AR)