जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को तरवर की छाया...भजन-

ग्राम-बरेतीकला, पोस्ट-चंदवा, ब्लाक-जवा, जिला-रीवा मध्यप्रदेश से दयासागर कुशवाह एक भजन सुना रहें हैं-
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को तरवर की छाया-
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिलाये मैं जब से तेरी शरण आया मेरे राम-
भटका हुआ कोई मन था अकेला मिलना रहा था सहारा-
लहरों से लड़ते हुए नाव को जैसे मिलना रहा हो किनारा-
खुद लड़खड़ाते हुए नाव को जो किसी ने किनारा दिखाया-
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिलाये मैं जब से तेरी शरण आया मेरे राम-
जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को तरवर की छाया...RK

Posted on: Sep 30, 2020. Tags: HINDI SONG SONG VICTIMS REGISTER