स्वास्थ्य स्वर : (बहुमूत्र) बार-बार पेशाब आने की शिकायत पर वनऔषधि द्वारा उपचार-
ग्राम-रनई, थाना-पटना, जिला-कोरिया छत्तीसगढ़ से वैद्य केदारनाथ पटेल आज हम लोगो को बहु मूत्र बार-बार पेशाब आने की शिकायत पर वन औषधि द्वारा उपचार बता रहे है, बार-बार पेशाब आने में अनार की कली (अनार की कोपल) सफ़ेद चन्दन की बुसी बंसलोचन एवं बमुल का गूंज 10-10 ग्राम धनिया मेती, 15-15 ग्राम जामुन तथा आम की गुठली गिरी 25-25 ग्राम कपूर 5 ग्राम इन सब को थोड़े से अनार के रस में गोटकर गोलियां बना ले दो-दो गोलियां सुबह शाम दूध के साथ सेवन करने से बार-बार पेशाब का आना बंद हो जाता है | 2. काले तिल 250 ग्राम पीसी हल्दी 100 ग्राम, धनिया 100 ग्राम, पुराना गुड 100 ग्राम इन सबको गाय के घी से भुन ले और इन सबको कूट पीसकर गुड में मिलाकर लड्डू बना लेवे और प्रतिदिन दो लड्डू सुबह शाम खाना खाने के एक घंटे बाद इसको सेवन करने से बार-बार पेशाब आना बंद हो जाता है| 3. भ्रामी का रस 3 ग्राम, पीपल 2 ग्राम, तिल 5 ग्राम, शहद 6 ग्राम इन सबको करहल करके सेवन करें तो इससे भी बार बार पेशाब आना बंद हो जाता है | संपर्क नम्बर@9826040015.
