मैं बंदत हौंव दिन रात वो, मोर धरती मईया...छत्तीसगढ़ी गीत-
जिला-जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) से रामप्रसाद छत्तीसगढ़ी में एक गीत सुना रहे है:
मैं बंदत हौंव दिन रात वो, मोर धरती मईया-
जय होवय तोर मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर-
सूत उठ के बड़े बिहनिया, तोरे पईया लागव-
सूत उठ के बड़े बिहनिया, तोरे पईया लागव-
सुरुज जोत मा करव आरती, गँगा पांव पखारव-
फेर काया फूल चढ़ावव, वो मोर धरती मईया-
हाय रे मोर छईयां भुईयां, जय होवय तोर-
मैं बंदत हौंव दिन रात वो, मोर धरती मईया-
जय होवय तोर मोर छईयां भुईयां जय होवय तोर...
