सखी होत वृन्दावन रात देखन मैं न गई...भजन गीत-
ग्राम-मानिकपुर, ब्लाक-समनापुर, जिला-डिंडोरी मध्यप्रदेश से संतोष अहिरवार के साथ गाँव के साथी रामगोपाल कुशवाह एक भजन गीत सुना रहे है:
सखी होत वृन्दावन रात देखन मैं न गई
शरद पूर्णिमा के राते चन्द्रा निसदिन रे भाई-
शंकर के खुल गये ध्यान जमुना उल्ट बही-
सखी होथे वृन्दावन राज देखन मैं न गई-
वीणा बाजे बंसी बाज रही वीणा बाजे बंसी बाज रही-
सखी होत वृन्दावन रात देखन मैं न गई
