खेती में हम लोग धान ज्यादा लगाते है, जंगल से जड़ी-बूटी, फल-फूल, लकड़ी, महुआ आदि का संग्रह करतें है...
ग्राम पंचायत-कंडोली, ब्लाक-बास्तानार, जिला-बस्तर (छत्तीसगढ़) से बाबूलाल नेटी और उनके साथ है ग्रामीण युवा साथी सुनील कुमार बता रहा हैं अपने गाँव में खेती कैसे और किस समय करते है इसके अलावा और भी व्यवसाय करते है, ज्यादातर गाँव में धान की खेती की जाति है और गर्मी के समय में खेती नहीं करते है ढलान व पटारी क्षेत्र के कारण पानी की समस्या होती है| तो साल में एक ही बार खेती करते है,बताया रहा है खेतों के पास से जो जंगल है वह विविध प्रकार की जड़ी-बूटी, फल-फूल, लकड़ी, महुआ आदि का संग्रह करते है. जंगलों से एकत्रित महुआ को हम बाजार में बेंचते है जिसका मूल्य मिलता है कुछ लोग महुआ का शराब बनाते है.
