रूढ़िवादी संस्कृति रीतिरिवाजों के अनुसार चैत्र के अवसर में बकरे का बलि चढ़ाया जाता है...

ग्राम-दाबपाल, ब्लाक-लोहंडीगुढा, जिला -बस्तर (छत्तीसगढ़) से संत कुमार धुर्वे और उनके साथ है ग्रामीण साथी कुशल नांग, शम्मुराम मण्डावी बता रहें है आदिवासी संस्कृति के अंतर्गत रूढ़िवादी से चले आ रहे परम्परा जिसे आज के समय में इस प्रकार की रीतिरिवाजों से माना जाता है जिसे पूर्वजों देन कहा जाता है, बताया जा रहा है मंदिर में मौजूद झूला जिसे बाजार कहते है और चैत्र अवसर में माता के मंदिरों में बकरे का बलि चढ़ाया जाता है. जिसे देवी-देवताओं के लिये प्रसन्ता माना जाता है.

Posted on: Aug 10, 2020. Tags: SONG STORY VICTIMS REGISTER