गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वर...श्लोक-

ग्राम-तमनार , जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पडियारी एक कविता सुना रहे हैं:
गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वर-

गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुर्वे नमो न:-
इस श्लोक का तात्पर्य समझ नही सका क्यूंकि माता पिता को...(AR)

Posted on: Jun 09, 2021. Tags: CG KANHAIYALAL PADIYARI RAIGARH SHLOK