दुल्हिन बर पतरी नहीं बजनिया बर थाली...कहावत-
जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से विरेन्द्र गंधर्व कहावत के माध्यम से संदेस दे रहे हैं जैसे
दुल्हिन बर पतरी नहीं बजनिया बर थाली अर्थात योग्य व्यक्ति को अधिकारों से वंचित कर देना और अयोग्य को अधिकार प्राप्त हो जाना, आज के समय में कुछ ऐसा ही हो रहा है, योग्य व्यक्ति मारे मारे फिर रहे हैं और अयोग्य व्यक्ति चापलूसी करके अच्छे पद पर जा रहे है और योग्यता नहीं होने के कारण कुछ कर नहीं पा रहे हैं|
