हम इतने नीचे गिर गये हैं कि वापस आना मुस्किल है...
ग्राम-तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ियारी अपना विचार व्यक्त कर रहे हैं वे बता रहे हैं कि कुछ वर्ष पहले की बात है जब अपना परिजन जैसे पुत्र, पुत्री, पति, सास, ससुर आदि किसी का निधन हो जाता था तब लोगो द्वारा आपस मिलने पर उसके लिये दुःख व्यक्त करने की प्रथा थी, वह प्रथा अब समाप्त हो रही है, आज लोगो के व्यहार और हाव भाव से प्रतीत होता है कि इंसान को अपनो के जाने पर गम नहीं है, इससे एसा लगता है कि हम इतने नीचे गिर गये हैं कि वापस आना मुस्किल है|
