छेर छेरा त्यौहार की शुरुआत...कहानी-

जिला-राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) से वीरेंद्र गंधर्व छेर छेरा त्यौहार के विषय में जानकारी दे रहे हैं, छेर छेरा पर्व की शुरुआत उस समय हुई थी, जब देश में अकाल की स्थिति हुई और बड़े जमीदार ने अन्न को अपने गोदाम में दबाकर रखते थे गरीबो को खाने को नहीं मिलता था, उस समय अकाल ने अमीरो की ही कमर तोड़ दी उन्हें कमजोर कर दिया, तब उन्हें सलाह दी गयी वे गरीबो को अन्न बांटे, तब उन्होंने अपने अन्न भंडार का द्वार गरीबो के लिये खोल दिया, तब से इस पर्व की शुरुआत हुई और तब सभी आमिर गरीब मिलकर इस पर्व को मानाने लगे और मिलजुलकर रहने लगे | इस तरह इस दिन सभी भेद भाव को मिटाकर घर घर अन्न मांगते है और मिलकर खाते हैं|

Posted on: Jan 16, 2020. Tags: CG RAJNANDGAON SONG VICTIMS REGISTER VIRENDRA GANDHA