गुलाब खिली खिली मैं तोड़ सकूँ कैसे...गीत-
ग्राम-पूसागांव, जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से हितेश्वरी और मनबत्ती एक गीत सुना रहे है:
गुलाब खिली खिली मैं तोड़ सकूँ कैसे-
हाथों में लगी मेहंदी मै काम करुँ कैसे-
पैर में लगी पट्टा मै चल सकूँ कैसे-
आंखो में लगी काजल मै देख सकूँ कैसे...
