स्वास्थ्य स्वर : गुदाभ्रंश का घरेलु उपचार-
प्रयाग विहार, मोतीनगर, रायपुर (छत्तीसगढ़) से वैद्य एच डी गाँधी गुदाभ्रंश का घरेलु उपचार बता रहे हैं, जाम या अमरुद, कुटज की छाल 50 ग्राम, जड़ 50 ग्राम, पत्ते 50 ग्राम | सबको कूट पीस कर 250 ग्राम पानी में उबाले जब पानी आधा बच जाये तब लेट्रिंग के जगह में बार बार लगायें| लगातार 21 दिन तक करने से लाभ हो सकता है| मिर्च, मसाला, तेल, खटाई, मैदा, शक्कर नमक का सेवन कम करें| नशा न करें| अधिक जानकारी के लिये संपर्क कर सकते हैं : संपर्क नंबर@9111061399.
