सरस्वती वंदना : हे शारदे माँ, हे शारदे माँ...
ग्राम-केकराकोली, ब्लाक-मगरलोड, जिला-धमतरी (छत्तीसगढ़) से मोहन यादव और उनके साथ भूमिका और कोमिन कुंजाम सरस्वती वंदना सुना गीत सुना रही है:
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ-
आज्ञानता से, हमे तार दे माँ-
है संगीत तुझ से, हर शब्द तेरा-
हर गीत मुझ से, हे हे शारदे माँ-
मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी-
वेदों की भाषा, पुराणों की वाणी-
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने-
तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराज-
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे-
मनसे हमारे मिटाके अँधेरे-
हमको उजालों का संसार दे माँ-
हे शारदे माँ, हे शारदे माँ-
अज्ञानता से हमें तारदे माँ-
