बादल हा आवे झमाझम जाड़ लागे कम बादल रे...छत्तीसगढ़ी गीत-
ग्राम-देवरी, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से कैलाश पोया एक गीत सुना रहे हैं :
बादल हा आवे झमाझम जाड़ लागे कम बादल रे-
कहू-कहू धान हा अही ठावे, कहू-कहू नागंर कम-
बदरी आवे झमाझम, जाड़ लागे कम बादल रे-
हाउ कति झुन्झतहा कहू कति बरसतहा-
कहू कति गुंदी ला छवाय, जाड़ लागे कम बादल रे-
बादल हा आवे झमाझम जाड़ लागे कम बादल रे...
