स्वास्थ्य स्वर : वायरल फीवर से होने वाले बुखार के घरेलु उपचार बता रहे है...
छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला रायपुर से वैद्द एच. डी. गाँधी और गजेन्द्र गुप्ता जो बता रहे है वायरल फीवर रोग उपचार. बारिश के बाद तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी लोगों को बीमार कर रही है। वायरल फीवर के चलते मौसम के बदलने और तापमान में आने वाले बदलाव के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बुखार के बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। यह बुखार शरीर को कमजोर कर देता है जिससे कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं.जिसका घरेलु उपचार (बिलोय) जिसे अमृता या गुड़्सी भी कहते है इसका ताजा रस लेना है करीब 10 से 25 मिली लीटर यदि बेल का रस नही मिलता है. तो बाजार में बिलोय का चूर्ण मिल जाता है इसे वायरल फीवर के लिए उपयोग करे जिसे बुखार ठीक हो जाता है.
