"नवा खाई" बस्तर की आदिवासी अनूठी लोक संस्कृति परम्परा, मगर ख़ास...

ग्राम-मरकाबेहड़ा, पंचायत-तालामीमुंजमेठा, ब्लॉक-नारायणपुर, जिला-नारायणपुर
(छत्तीसगढ़) से मोहन जो कि सामाजिक कार्यकर्ता लखन मंडावी से बस्तर के आदिवासी लोक संस्कृति में से एक नवा खाई अनूठी संस्कृति जो परम्परा सदियों से चली आ रही है इसमें खास बात यह है कि, नवा धान चावल की प्रसादी बनाई जाती है, गाँव में पहले पूजा की जाती है, उसके बाद घर के अंदर ही प्रसादी ग्रहण की जाती है, यह प्रसादी केवल परिवार के सदस्यों के लिए होती है, किसी अन्य को नहीं दी जाती|इस दिन घर के छोटे, बड़े बुजर्गो से विशेष आशीर्वाद लेते है. यह संस्कृति आज भी देश के आदिवासी क्षेत्रो में है, ख़ासकर बस्तर के आदिवासी क्षेत्र में नवा खाई के पहले नव धान का प्रयोग नहीं होता है...

Posted on: Nov 17, 2019. Tags: MOHAN YADAV NARAYANPUR CG SONG VICTIMS REGISTER