मोर संग चलव रे, मोर संग चलव ना...छत्तीसगढ़ी लोक गीत-
ग्राम-कुई, ब्लाक-पंडरिया, जिला-कबीरधाम (छत्तीसगढ़ी) से स्वाती वर्मा एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रही हैं:
मोर संग चलव रे, मोर संग चलव ना-
ये गिरे थके हपटे मन, अउ परे डरे मन के मन-
मै लहरिया मोर लहर मा फूलो फलो हरिया लो-
मोर संग चलव रे, मोर संग चलव ना...
