आदिवासी भाषा गोंडी, हल्बी, छत्तीसगढ़ी को लोगो तक पहुचने के लिये कार्यशाला-
जिला-नारायणपुर (छत्तीसगढ़) से शेर सिंह आचला बता रहे हैं| उन्होंने प्रदर्षनी लगाया है| वहां पर वे आदिवासी समुदाय के विभिन्न भाषायें गोंडी, हल्बी, छत्तीसगढ़ी को साहित्य लेखन और सीजीनेट स्वर के मध्यम से लोगो तक पहुचने के लिये कार्यशाला कर रहे हैं| जिसमे लोग गीत, कहानियां रिकॉर्ड करते हैं| उन्हें माध्यमिक विद्यालय नारायणपुर में कार्यशाला के लिये जगह मिला है| जहाँ पर वे काम कर रहे हैं| जो उनकी संस्कृति और भाषा को बचाने के लिये काम कर रहे हैं| उनको वे धन्यवाद दे रहे हैं| साथ विश्व आदिवासी दिवस के लिये सभी शुभकामनायें दे रहे हैं| संपर्क नंबर@267218980.
