जब ले लगे सरकारी सुविधा के आस रे...छत्तीसगढ़ी गीत-
सीजीनेट के साथी नरेश बुनकर एक छत्तीसगढ़ी गीत सुना रहे हैं :
जब ले लगे सरकारी सुविधा के आस रे-
मोर गाँव के धरती हा मरगे पियास रे-
खातू दवाई खेत मा काट नई करत है-
का मंतर मारे हे मछरी नई मरत है-
कर लई किसनहा के का करे किसान रे-
बेरी-बेरी दौडा थे साहेब पटवारी रे-
बांध नहर बन गये खेती में नई है पानी...
