स्वास्थ्य स्वर : नियमित दिनचर्या-

वैद्य एच डी गाँधी नियमित दिनचर्या के बारे में बता रहे हैं| रात्रि 11 से 3 के दौरान आपके रक्त संचरण का अधिक भाग लीवर की ओर केन्द्रित होता है | जब लीवर अधिक खून प्राप्त करता है तब उसका आकार बढ़ जाता है | यह महत्त्वपूर्ण समय होता है, जब आपका शरीर विष हरण की प्रक्रिया से गुजरता है | आपका लीवर, शरीर द्वारा दिन भर में एकत्रित विषाक्त पदार्थों को निष्क्रिय करता है, और खत्म भी करता है | यदि आप 11बजे सो जाते हैं तो आपके पास अपने शरीर को विषमुक्त करने के लिए चार घण्टे होते हैं | यदि 12 बजे सोते हैं तो 3 घण्टे | यदि 1बजे सोते हैं तो 2 घण्टे | यदि 2 बजे सोते हैं तो केवल एक ही घण्टा विषाक्त पदार्थों की सफाई के लिए मिलता है | अगर आप 3 बजे के बाद सोते हैं, तो आपके पास शरीर को विषमुक्त करने के लिए कोई समय नहीं बचा | यदि आप इसी तरह से सोना जारी रखते हैं, समय के साथ ये विषाक्त पदार्थ आपके शरीर में जमा होने लगते हैं | क्या आप कभी देर तक जागे हैं? क्या आपने महसूस किया है कि अगले दिन आपको बहुत थकान होती है, चाहे आप कितने भी घण्टे सो लें| शरीर को विषमुक्त करने का पूरा समय न देकर आप शरीर की कई महत्त्वपूर्ण क्रियाओं से भी चूक जाते हैं | प्रात: 3 से 5 के बीच रक्त संचरण का केन्द्र आपके लंग्स होते हैं | इस समय आपको ताज़ी हवा में साँस लेना चाहिए और व्यायाम करना चाहिए | इस समय हवा एकदम ताज़ी और लाभप्रद अयनों से भरपूर होती है | प्रात: 5 से 7 के बीच रक्त संचरण का केन्द्र आपकी बड़ी आँत की ओर होता है | आपको इस समय शौच करना चाहिए | अपनी बड़ी आँत से सारा अनचाहा मल बाहर कर देना चाहिए |

Posted on: Jul 04, 2019. Tags: CG HD GANDHI RAIPUR SONG VICTIMS REGISTER