जाम करो मिल करके शोषण का पहिया, दुष्टों से लडने को एक हो जा भैया...
जाम करो मिल करके शोषण का पहिया
दुष्टों से लडने को एक हो जा भैया
मेरी ही कमाई से खड़े कारखाने
तुझको ही मिलता नहीं पेट भर दाने
खाने को रोटी नहीं देंगे कन्हैया
दुष्टों से लडने को एक हो जा भैया
हमसे न काम होगी दुष्टों की दूरी
खून खून चूस चूस देते हैं मजूरी
ज़िंदा हमारे दिल में जिसका गुमैया
दुष्टों से लडने को एक हो जा भैया
चाहो बदलना यदि दुनिया की रीति
अपने दिलों मे रखो अपने ही गीत
अपने ही नैया के हम ही खेवैया
दुष्टों से लडने को एक हो जा भैया
