गोंड, धुरवा, मुरिया, दोरला आदिवासी समाज का विवाह गीत-

ग्राम-सीताराम पुरम, पंचायत-अर्जनवाडा, विकासखण्ड-पालवेंचा, जिला-भद्रादी कोठागुडेम (तेलंगाना) से जय कुमारी, गंगी, इंजामी एक गोंडी गीत सुना रहे हैं| यह गीत शादी के समय गोंड, धुरवा, मुरिया, दोरला आदिवासी समाज के लोग गाते हैं| गीत का अर्थ है-
जब गर्मी के समय लोगो को पानी नहीं मिलता| लोग साइकल पर बैठकर दूर से पानी तलाश कर लाते हैl गांव के सभी लड़के-लड़कियां बुजुर्ग सब साथ मिलकर गाते, और नाचते हैं| कार्यक्रम में शाम के समय दारू, ताड़ी, सल्पी यादि पेय पदार्थो का सेवन कर आनंद लेते है| कार्यक्रम के दौरान पैदल चलकार मेहमानो के पास जाते हैं| हांथ में दारू, कुछ चावल और एक थैला भी साथ में लिए रहते हैं| और स्वागत करते हैं|

Posted on: May 28, 2019. Tags: BHADRADI KANHAIYALAL KEWAT KOTHAGUDAM SONG TELANGANA