जो हमारा भला करे उसे नुकसान नहीं पहुंचना चाहिये...मगर और बिच्छू की कहानी-
एक मगर और एक बिच्छू दोनों गहरे मित्र थे| दोनों नदी के किनारे रहा करते थे| एक बार नदी में बाढ़ आ गया| मगर ने बिच्छू से कहा तुम मेरी पीठ पर बैठ जाना, मै तेज धार पार कर लुंगा| बिच्छू ने वैसा ही किया| जब दोनों तेज धार में थे| बिच्छू मगर के पीठ पर डंक मारने लगा| मगर ने कहा तुम मेरे मित्र हो, तुम्हे मुझे डंक नहीं मारना चाहिये| बिच्छू ने कहा ये मेरा स्वभाव है| ऐसा सुनते ही मगर ने पानी में गहरा गोता लगाया| जिससे बिच्छू पानी की धार में गिरकर मर गया| बिच्छू को उसके कर्मो का फल मिल गया| इस तरह कहानी से सीख मिलती है| जो हमारा भला करे उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिये|
