ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई...सरगुजिया गीत
ग्राम-धुमाडाड, ब्लाक-प्रतापपुर, जिला-सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से रूपलाल मरावी एक सरगुजिहा गीत सुना रहे है:
ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई-
ओहरे ये ये एक जंत्री देखलू रे भाई-
आवल आंधा घाटा बिजुल चमकाई जटा-
बरसत बूंद पानी जीवा पर जाई-
ओरे एक जंत्री देखलो रे भाई, गोडे छोड़ जिभे रेंग जाई...
