दिन कैसन आगे गा, गुंडागर्दी के राज चलत हे...छत्तीसगढ से एक गीत
दिन कैसन आगे गा, गुंडागर्दी के राज चलत हे
ए भुइन्याँ के मालिक मनहा दर दर ठोकर खाते गा
किसान के गा खेती लगते मज़दूर के गा काम
बाँध बनाते सिंचाई करे बर फैक्ट्री के आथे काम
जल जंगल ला लूटत हावे लूटत हावे जमीन
और यह पीढ़ी नौजवान ला करत है यतीम
रक्षक मन ला भक्षक बनके गुंडागर्दी चलाथे गा
पूंजीवाद सामराज्यवाद के चलत हे मनमानी
एखरे हाथ माँ दलाल मनहा दे दिन हवे सयानी
देश के जम्मो नेता मन ला मिठ मिठ जहर पियाथे गा
