जौहरी के बेटे के नकली हीरे के हार की कहानी-
एक जोहरी था जिसका निधन हो जाने पर उसके घर में बहुत बढ़ा संकट आ गया, घर में खाने तक की समस्या हो गई, जोहरी का एक लड़का था जिसे उसकी माँ ने एक हार देकर कहा जाओ चाचा जी से कुछ मांग लाओ, चाचा ने हार को देखा और कहा अभी बाजार तेज नही है, जब बाजार तेज होगा तब लाना, और लडके को कुछ पैसे देकर अपने दुकान में काम करने के लिए कहा, लडके ने उसकी बात मान ली, कुछ दिन बाद लड़का काम सीख गया. दूर-दूर से लोग अपने हीरे की परख कराने के लिए उसके पास आने लगे, तब उसके चाचा ने उसे हार लाने को कहा, लड़का जब हार को देखा तो उसे पता चला वह नकली है, चाचा के पूछने पर उसने बताया वह हार नकली है, चाचा ने कहा यदि यह बात मै पहले कहता तो तुम नही मानते और मुझे बुरा समझते...
