पढ़ा लिखा होना जरुरी नही, सामाजिक ज्ञान जरुरी है...कहानी-
एक राजा था, जिसका नाम अमर शक्ति था वह बहुत ही दानवीर और प्रतापी था, उनके तीन पुत्र थे बहुशक्ति, उग्रशक्ति, अनंतशक्ति तीनो बड़े ही मुर्ख, अशिष्ट और उद्दंड थे, तीनो घोडो पर बैठकर दिन भर जंगली पशुओं का शिकार करते थे, राजा बहुत चिंतित था, तब उनके मंत्री सुमति ने उन्हें सलाह दिया, आपके पुत्रों को आचार्य विष्णु शर्मा जी शिक्षा दे सकते हैं, राजा ने आचार्य से अपने बच्चो को शिक्षित करने के लिए विनती किया, बदले में 500 का भेट करने को कहा, जिस पर आचार्य बोले मुझे तुम्हारे धन की चाह नही है न ही पुत्रो की चिंता है, चिंता ये है कि आज के पुत्र ऐसे है तो कल का राजा कैसा होगा, और शिक्षा देने को राजी हो गए, शिक्षा के दौरान उन्होंने एक कहानी सुनाई जिसमें चार मित्र थे, तीन पढ़े लिखे थे, और एक अनपढ़ था लेकिन बुद्धिमान था, उन्हें कई विद्याएं आती थी, जिसका उन्होंने मना करने के बाद भी एक मृत शेर पर प्रयोग कर उसे जीवित कर दिया, और शेर तीनो को खा गया, और वह पेड़ में चढ़े होने के कारण बच गया, इससे सीख मिलती है, पढ़ा लिखा होना जरुरी नही है, सामाजिक ज्ञान होना जरुरी है |
