हमारे गांव का नाम साहकट्टा कैसे पड़ा: एक गांव की कहानी
ग्राम-साहकट्टा, पंचायत-फरसकोट, तहसील-भानूप्रतापपुर, जिला-उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़) से राधेश्याम वैद्य बता रहे हैं कि उनके पूर्वजो से प्राप्त जानकारी अनुसार आज से कई वर्ष पूर्व उनका निवास स्थान ग्राम कुआ पानी कुदुरभाट था, तब गांव की स्थिति बहुत ख़राब थी वीरान होने की स्थिति में था, उस समय पूर्वजो ने आकर 1853-56 में कुआ के जैसे तालाब खुदाई कराया जिसमे लोग अपनी पानी की जरूरतों को पूरा करते थे और आज भी इसमें करीब 9 फिट पानी होगा, उसके बाद उन्होंने लोगो को 500 एकड़ की भूमि में बसाया, सहारा दिया, ऐसे ही सहारा देने के कारण उस गांव का नाम साहकट्टा पड़ा| राधेश्याम वैद्य@9406053135.
