हुआ सबेरा चिड़िया बोले, बच्चो ने तब आँखे खोले...बाल कविता-
जिला-चंदौली (उत्तरप्रदेश) से कृष्णा कुमारी बाल कविता सुना रही हैं :
हुआ सबेरा चिड़िया बोले, बच्चो ने तब आँखे खोले-
अच्छे बच्चे मंजन कर, मंजन कर-कर मुंह को धोते-
मुंह को धोकर कुल्ला करते, कुल्ला कर-कर रोज नहाते-
रोज नहाकर खाना खाते, खाना खाकर पढ़ने जाते-
हमारी चिड़िया रानी तिनका लाकर महल बनाये-
ऊँची डाली पर लटकाये, खेतो से फिर दाना लाये-
नदियों से भर पानी लाती, तुझको दूर न जाने देते...
