जल बिना डोंगिया, डोंगिया बिना नारी...गीत
ग्राम-कोटया, जिला-सरगुजा (छत्तीसगढ़) से मेवालाल देवांगन एक गीत सुना रहे हैं :
जल बिना डोंगिया, डोंगिया बिना नारी-
नारी बिना पुरुष, पुरुष बड़ा भारी-
गध-गध गीरे लोचन बहे नीरा-
प्रभु गुण गावथे फुल के शरीर-
राम जी ला पूछे रामन कर भोरे-
काहे कारन हवे धनुष काहे तोड़े-
उंचे पर्वत ले देखे रघुराई, बाली सुग्रीव दोनों मचे हे लड़ाई...
