गोंड समाज में लडकी के घर बारात जाने की प्रथा फिर शुरू करना चाहते हैं (गोंडी भाषा में)...
जिला-बैतूल (मध्यप्रदेश) से दशरत इरपाचे बता रहे है कि पहले हमारे आदिवासी समाज में लड़के के घर में लड़की की बारात जाती थी | लेकिन अब हमारे तरफ भी लड़की के घर लड़के को बारात लेकर आना पड़ता है और लड़की के घर से शादी होती है| लोग फिर से सोच रहे है कि फिर से पुरानी परम्परा शुरू हो और बारात लड़की के घर पर जाए और वहीँ पर शादी हो| अभी हम लोग फिर से उस परम्परा को शुरू कर रहे है हिडनी गाँव से लड़की को सजाकर भगत लाएगा और लड़के को भी वहीं पर लाया जायेगा और सामूहिक तौर से शादी किया जायेगा| अभी तक 5-6 जोड़े तैयार हुए है बड़ेदेव मंदिर में पर सामूहिक शादी किया जायेगा|
