डोलत नइ, डोलत नइ गा, का होगे संगी डारा पाना ला डोलत नइऐ गा...छत्तीसगढ़ी गीत
तमनार, जिला-रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से कन्हैयालाल पड़ीयारी एक गीत सुना रहे है:
डोलत नइ, डोलत नइ, का होगा संगी हवाला डोलत नइ जी-
डोलत नइ, डोलत नइ गा, का होगे संगी डारा पाना ला डोलत नइऐ गा-
बोलत नइऐ, बोलत नइऐ, बोलत नइऐगा, बोलत नइऐ बोलत नइऐ जी-
का होगे मोर मनके मजूर ला, बोलत नइऐ जी, बोलत नइऐ बोलत नइऐ गा-
का होगे मोर मनके कोयलिया ला, बोलत नइऐ गा, बोलत नइऐ गा-
जुरथ रइथो, जुरथ रइथो गा, देखे खातिर ओला मइहर जुरथ रइथो गा-
तड़पत रइथो, तड़पत रइथो तड़पत रइथो गा, इखे लेखे पाई बर तड़पत रइथो गा...
