हमारे गोंडी आदिवासी गाँव समाज में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है (गोंडी भाषा में)
ग्राम-गोविंदपुर, तालुका-राजोरा, जिला-चंद्रपुर (महाराष्ट्र) से श्यामराव उइके उनके गाँव की कहानी बता रहे है कि वे एक छोटे से गाँव के रहने वाले है और उनकी भाषा गोंडी है उनके गाँव के सभी लोग गोंडी बोलते है| उनके गाँव में पहले पूरा जंगल था| उनके गाँव में गोंडी धर्म रीति रिवाज से शादी होती है| उनके गाँव में गोंडी धर्म से देवी देवताओ की पूजा करते है| उन लोगो ने सोचा की इतनी बड़ी गोंडी संस्कृति है उसके लिए उन्होंने एक कैसट निकाला उसका नाम है बाईन सुडा वातोड़, इसका अर्थ- चार बहने रहती है उसमे से बड़ी बहन की शादी करना चाहते है और बड़ी बहन को देखने के लिए लड़के वाले आते है| लोगो को देखकर छोटी बहन बहुत खुश होती है और आजू बाजू के घरो में जाकर बोलती है मेरी बहन को देखने के लिए लोग आये है और उसी से सम्बंधित एक गीत गाती है:वातेर वातेर हो बाईन सुडा वातेर हो-

