अब गोंडी भाषा में भी एक जैसी समान शिक्षा, पत्रकारिता और प्रशासन का काम किया जा सकेगा...
जिला-गढ़चिरौली (महाराष्ट्र) से उत्तम आतला बता रहे हैं कि दिल्ली में 7 दिवसीय गोंडी कार्यशाला का आयोजन 19 से 23 मार्च के बीच किया गया है ताकि गोंडी का एक मानक शब्दकोश तैयार कर 8वी अनुसूची में शामिल किया जा सके| मध्य भारत में बड़ी संख्या में गोंडी भाषी लोग रहने के बावजूद भी दुर्भाग्य है कि इस भाषा में न कोई समाचार पत्र है न कोई टीवी चैनल और न ही रेडियो| इसका कारण यह है कि यह आज विभिन्न बोलियों के समुच्चय के रूप में है, अभी तक इसकी एक मानक भाषा नही बनी है, लेकिन अब निरंतर संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद गोंडी के शब्दो का संचय कर एक मानक शब्दकोष तैयार करने के लिए काम जारी है , कार्यक्रम से जुड़े सभी लोगों को बहुत धन्यवाद : उत्तम आतला@9404984074.
